तुझमे चाँद दीखता है
प्यार, मुझे शिद्दत से करो तो पहले,
तुम्हें मेरी तड़प का एहसास हो जायेगा।
अपनी ज़िन्दगी में झाँक कर के तो देखो,
तुम्हें मेरी अहमीयत का एहसास हो जायेगा।।
कहते हो प्यार तुमने हमसे किया,
पर महसूस न कभी हमने किया।
शायद फ़र्क यही है हमारे प्यार में,
हमने शिद्दत से किया,
तुमने युहीं किया।।
न प्यार तुम्हारा झूठा,
न प्यार हमारा झूठा।
सच्चे तुम अपनी जगह,
सच्ची मैं अपनी जगह।
फ़र्क, तो सिर्फ नज़रिये का है,
तुम्हें चाँद में दाग दीखता है,
और मुझे तुममे ही चाँद दीखता है।
प्यार, मुझे शिद्दत से करो तो पहले,
तुम्हें मेरी तड़प का एहसास हो जायेगा।
अपनी ज़िन्दगी में झाँक कर के तो देखो,
तुम्हें मेरी अहमीयत का एहसास हो जायेगा।।
प्यार, मुझे शिद्दत से करो तो पहले,
तुम्हें मेरी तड़प का एहसास हो जायेगा।
अपनी ज़िन्दगी में झाँक कर के तो देखो,
तुम्हें मेरी अहमीयत का एहसास हो जायेगा।।
कहते हो प्यार तुमने हमसे किया,
पर महसूस न कभी हमने किया।
शायद फ़र्क यही है हमारे प्यार में,
हमने शिद्दत से किया,
तुमने युहीं किया।।
न प्यार तुम्हारा झूठा,
न प्यार हमारा झूठा।
सच्चे तुम अपनी जगह,
सच्ची मैं अपनी जगह।
फ़र्क, तो सिर्फ नज़रिये का है,
तुम्हें चाँद में दाग दीखता है,
और मुझे तुममे ही चाँद दीखता है।
प्यार, मुझे शिद्दत से करो तो पहले,
तुम्हें मेरी तड़प का एहसास हो जायेगा।
अपनी ज़िन्दगी में झाँक कर के तो देखो,
तुम्हें मेरी अहमीयत का एहसास हो जायेगा।।
Kya baat hai...
ReplyDeleteKamal karti hain Kavayitri ji....
Aise to hamen chunav charcha beech mein hi chhod kar aana padega..
Jisse hamein bhi Tum mein Chand nazar aaye...
Aur main bhi isi tarah Izhar e ishq kar sakoon.....
Batayen kya irada hai....
Great lines..
Keep it up madam...